अनचीन्हे सपने को पूरा करने की दास्तान
07 जुलाई 2023 को Zee5 पर आई पीयूष गुप्ता की फिल्म तरला मशहूर शेफ तरला दलाल के जीवन पर आधारित है। जिसमें थोड़ी छूट लेते हुए कल्पना का तड़का भी लगाया गया है। लेकिन उससे मजेदार और जायकेदार रेसिपी तैयार हुई है। हूमा कुरैशी ने तरला की भूमिका निभाई है जो यह सिद्ध करती है कि हूमा बतौर अभिनेत्री एक कामयाब कलाकार की अग्रिम पंक्ति में आ खड़ी होती हैं।
तरला एक आम भारतीय स्त्री की कहानी है जो जीवन में कुछ करना तो चाहती है लेकिन क्या, यह उसे नहीं पता। जैसा कि आम परिवारों में यह धारणा होती है कि लड़की की पहले शादी कर दी जाए, उसके बाद वह जो भी करना चाहे, या कहें अपने करियर में आगे बढ़ना चाहे तो शादी के बाद। प्राथमिकता शादी ही होनी चाहिए। ऐसे माहौल में कोई किस्मत वाली ही होती है जो शादी के बाद अपने सपने को पूरा कर सके। क्योंकि अधिकांश लड़कियों के सपने भी शादी के बाद सपने ही रह जाते हैं जो कभी पूरे नहीं होते। यहां तो तरला सौभाग्यशाली है कि शादी के बाद उसका पति नलिन दलाल (शारिब हाशमी) तरला के उस अनचीन्हे सपने को पूरा करने में उसकी भरपूर मदद ही नहीं करता बल्कि वह जो 'कुछ' करना चाहती थी, उसका मार्गदर्शन भी करता है और तरला की छुपी हुई प्रतिभा को सामने लाने में कामयाबी हासिल होती है। कहा जाता है कि हर कामयाब सफल मर्द के पीछे एक औरत का हाथ होता है लेकिन इस सच को भी ओझल नहीं किया जा सकता कि यदि पति और परिवार का साथ मिल जाए तो एक साधारण औरत भी सफलता के मानदंड छू सकती है।
तरला का सफर तब शुरू होता है जब उसके पड़ोस में रहने वाली लड़की को शादी से पहले वह खाना बनाना सिखाती है। धीरे—धीरे तरला की मांग बढ़ती जाती है। उसका हुनर दुनिया के सामने आने लगता है। हालांकि इस बीच जीवन में कई उतार—चढ़ाव आते हैं। लेकिन वह हिम्मत नहीं हारती और एक मशहूर शेफ बन जाती है।
तरला दलाल संभवत: पहली भारतीय महिला शेफ के रूप में हमारे सामने आती हैं, जब उस समय इसे करियर के रूप में नहीं देखा जाता था। बल्कि यह आम धारणा थी कि हर लड़की को खाना बनाना, कढ़ाई—बुनाई—सिलाई ही उसकी पहचान है, यह सब तो उसे आना ही चाहिए, बाद में बाकी बातें। अपने इस जरुरी शौक को वह कैसे करियर के रूप में आगे बढ़ाती है, कौन—कौन सी बाधाएं आती हैं, कितने संघर्ष करने पड़ते हैं, कौन—कौन से पड़ाव पार करने पड़ते हैं, तरला के जीवन—संघर्ष को जानने के लिए यह फिल्म आप पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं
पति के रूप में शारिब ने बेहतरीन काम किया है। हालांकि एक समय उनका अहंकार सामने आता है लेकिन वह जेनुइन लगता है। अच्छी बात यह है कि दोनों की समझदारी से बातें सुलझ जाती हैं।
©साधना अग्रवाल
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